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Crime Alert Digital News

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क्राइम अलर्ट डिजिटल न्यूज़ भारत में लागू भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318 धोखाधड़ी (Cheating) से संबंधित अपराधों को परिभाषित करती है। इस धारा के अनुसार यदि कोई व्यक्ति किसी अन्य व्यक्ति को झूठ बोलकर, तथ्य छिपाकर या किसी प्रकार के छल-कपट द्वारा धोखा देकर उसकी संपत्ति, धन या किसी अधिकार का लाभ प्राप्त करता है, तो यह अपराध धोखाधड़ी की श्रेणी में आता है।धारा 318 के तहत केवल झूठ बोलना ही नहीं, बल्कि जानबूझकर महत्वपूर्ण तथ्यों को छिपाना भी धोखाधड़ी माना गया है। कानून में ऐसे कई उदाहरण दिए गए हैं जिनमें नकली पहचान बताकर सामान लेना, नकली वस्तु को असली बताकर बेचना, झूठे वादे कर धन प्राप्त करना या किसी संपत्ति को दोबारा बेचकर लाभ कमाना शामिल है।कानून के अनुसार सामान्य धोखाधड़ी के मामले में दोषी पाए जाने पर आरोपी को तीन वर्ष तक की कैद, जुर्माना या दोनों सजा दी जा सकती है। वहीं यदि धोखाधड़ी किसी ऐसे व्यक्ति के साथ की गई हो जिसकी सुरक्षा या हितों की रक्षा करना आरोपी का कानूनी दायित्व था, तो सजा पांच वर्ष तक बढ़ सकती है।इसके अलावा यदि धोखाधड़ी के माध्यम से किसी व्यक्ति से संपत्ति, मूल्यवान दस्तावेज या अन्य कानूनी सुरक्षा से जुड़ी वस्तु प्राप्त की जाती है, तो आरोपी को सात वर्ष तक की कैद और जुर्माने की सजा का प्रावधान है।कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि BNS की धारा 318 आर्थिक अपराधों और धोखाधड़ी के मामलों में पीड़ितों को न्याय दिलाने तथा अपराधियों पर प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए महत्वपूर्ण प्रावधान है।प्रस्तुति: Crime Alert Digital Newsप्रस्तुतकर्ता एवं Editor-in-Chief: शब्बीर शेख

मोदी का संदेश — डर के नहीं, हिम्मत के साथ पत्रकारिता करो!” या 🎤 “जो सच से डर जाए, वो मीडिया नहीं… लोकतंत्र की कमजोरी है!”

आप देख रहे हो दस्तक इंडिया 24 न्यूज़ | विशेष संदेश “डरपोक मीडिया नहीं, सवाल पूछने वाला मीडिया चाहि…

बिना FIR बैंक खाता फ्रीज करना गलत — दिल्ली हाई कोर्ट का बड़ा फैसला, कहा ‘बैंक अकाउंट व्यक्ति के आर्थिक अस्तित्व का आधार’”

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Crime Alert Digital News सुप्रीम कोर्ट के ताज़ा निर्णयों पर आधारित MCQs – लॉ छात्रों के लिए अहम सामग्रीनई दिल्ली: हाल ही में सुप्रीम कोर्ट के महत्वपूर्ण फैसलों के आधार पर तैयार किए गए MCQs (Multiple Choice Questions) जारी किए गए हैं। ये प्रश्न विशेष रूप से उन छात्रों के लिए तैयार किए गए हैं जो कानून की पढ़ाई कर रहे हैं या न्यायिक सेवाओं, CLAT, LLB और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं।इन MCQs में सुप्रीम कोर्ट द्वारा दिए गए हालिया फैसलों के प्रमुख कानूनी सिद्धांतों को शामिल किया गया है, जैसे कि:संविधान की व्याख्यामौलिक अधिकारों की सुरक्षान्यायिक समीक्षा (Judicial Review)प्रशासनिक कानून से जुड़े निर्णयकानून विशेषज्ञों का मानना है कि इन सवालों के माध्यम से छात्रों को न केवल परीक्षा में मदद मिलेगी, बल्कि उन्हें न्यायपालिका के दृष्टिकोण को समझने का भी अवसर मिलेगा।Crime Alert Digital News की टीम का मानना है कि इस प्रकार की शैक्षणिक सामग्री युवाओं को जागरूक और सक्षम बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।जारीकर्ता:LiveLaw (लीगल न्यूज़ पोर्टल) के अनुसार”Crime Alert Digital News(एडिटर इन चीफ)Muskan.S Shaikh

पश्चिम बंगाल चुनाव से जुड़े एक अहम मामले में सुप्रीम कोर्ट कल विशेष सुनवाई करेगा। यह सुनवाई तृणमूल कांग्रेस (TMC) की उस याचिका पर होगी, जिसमें चुनाव आयोग के मतगणना अधिकारियों की नियुक्ति से जुड़े फैसले को चुनौती दी गई है।TMC का आरोप है कि इस फैसले से निष्पक्ष चुनाव प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है। अब इस मामले पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है और सभी की नजरें इस सुनवाई पर टिकी हुई हैं।खबर का सार:TMC ने चुनाव आयोग के फैसले को दी चुनौतीमतगणना अधिकारियों की नियुक्ति पर विवादसुप्रीम कोर्ट में कल होगी विशेष सुनवाईचुनाव प्रक्रिया पर पड़ सकता है बड़ा असरप्रेस नोट जारीकर्ता:Editor in Chief – Muskan S. ShaikhCRIME ALERT DIGITAL NEWS

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