Home
About
Contact Us
Crime Alert Digital News
Home
ताज़ा खबरें
મુખ્ય સમાચાર
વડોદરા
રાષ્ટ્રીય
રાજનીતિ
શિક્ષણ
રમતગમત
મનોરંજન
આરોગ્ય
ધર્મ
અપરાધ
ટેકનોલોજી
વ્યાપાર
સંપાદકીય
Top News
🔥 “भारत के युवाओं पर ड्रग्स माफिया का हमला! जॉम्बी ड्रग्स बना रहा इंसान को बेसुध और बर्बाद!” 🔥
हिमाचल दिवस पर पौने 3 लाख कर्मचारियों व पेंशनरों को CM से उम्मीद, ये 4 एलान कर सकते हैं सुक्खू
हाथ जोड़ता रहा गरीब, नहीं पसीजा सिस्टम!” “रोजी-रोटी पर चला बुलडोजर, इंसानियत हुई शर्मसार” “मेहनत से कमाने वालों को क्यों सताया जा रहा है?” “गरीब बोला – मुझे जीने दो… मगर नहीं सुनी किसी ने”
मोदी का संदेश — डर के नहीं, हिम्मत के साथ पत्रकारिता करो!” या 🎤 “जो सच से डर जाए, वो मीडिया नहीं… लोकतंत्र की कमजोरी है!”
जम्मू-कश्मीर में 415 पर्यटन भवन निर्माण की मिली अनुमति, तीन साल में सबसे अधिक
पश्चिम बंगाल चुनाव से जुड़े एक अहम मामले में सुप्रीम कोर्ट कल विशेष सुनवाई करेगा। यह सुनवाई तृणमूल कांग्रेस (TMC) की उस याचिका पर होगी, जिसमें चुनाव आयोग के मतगणना अधिकारियों की नियुक्ति से जुड़े फैसले को चुनौती दी गई है।TMC का आरोप है कि इस फैसले से निष्पक्ष चुनाव प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है। अब इस मामले पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है और सभी की नजरें इस सुनवाई पर टिकी हुई हैं।खबर का सार:TMC ने चुनाव आयोग के फैसले को दी चुनौतीमतगणना अधिकारियों की नियुक्ति पर विवादसुप्रीम कोर्ट में कल होगी विशेष सुनवाईचुनाव प्रक्रिया पर पड़ सकता है बड़ा असरप्रेस नोट जारीकर्ता:Editor in Chief – Muskan S. ShaikhCRIME ALERT DIGITAL NEWS
बिना FIR बैंक खाता फ्रीज करना गलत — दिल्ली हाई कोर्ट का बड़ा फैसला, कहा ‘बैंक अकाउंट व्यक्ति के आर्थिक अस्तित्व का आधार’”
क्राइम अलर्ट डिजिटल न्यूज़ भारत में लागू भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318 धोखाधड़ी (Cheating) से संबंधित अपराधों को परिभाषित करती है। इस धारा के अनुसार यदि कोई व्यक्ति किसी अन्य व्यक्ति को झूठ बोलकर, तथ्य छिपाकर या किसी प्रकार के छल-कपट द्वारा धोखा देकर उसकी संपत्ति, धन या किसी अधिकार का लाभ प्राप्त करता है, तो यह अपराध धोखाधड़ी की श्रेणी में आता है।धारा 318 के तहत केवल झूठ बोलना ही नहीं, बल्कि जानबूझकर महत्वपूर्ण तथ्यों को छिपाना भी धोखाधड़ी माना गया है। कानून में ऐसे कई उदाहरण दिए गए हैं जिनमें नकली पहचान बताकर सामान लेना, नकली वस्तु को असली बताकर बेचना, झूठे वादे कर धन प्राप्त करना या किसी संपत्ति को दोबारा बेचकर लाभ कमाना शामिल है।कानून के अनुसार सामान्य धोखाधड़ी के मामले में दोषी पाए जाने पर आरोपी को तीन वर्ष तक की कैद, जुर्माना या दोनों सजा दी जा सकती है। वहीं यदि धोखाधड़ी किसी ऐसे व्यक्ति के साथ की गई हो जिसकी सुरक्षा या हितों की रक्षा करना आरोपी का कानूनी दायित्व था, तो सजा पांच वर्ष तक बढ़ सकती है।इसके अलावा यदि धोखाधड़ी के माध्यम से किसी व्यक्ति से संपत्ति, मूल्यवान दस्तावेज या अन्य कानूनी सुरक्षा से जुड़ी वस्तु प्राप्त की जाती है, तो आरोपी को सात वर्ष तक की कैद और जुर्माने की सजा का प्रावधान है।कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि BNS की धारा 318 आर्थिक अपराधों और धोखाधड़ी के मामलों में पीड़ितों को न्याय दिलाने तथा अपराधियों पर प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए महत्वपूर्ण प्रावधान है।प्रस्तुति: Crime Alert Digital Newsप्रस्तुतकर्ता एवं Editor-in-Chief: शब्बीर शेख
हिमाचल दिवस पर CM सुक्खू की बड़ी घोषणाएं: किन्नौर की महिलाओं को मिलेंगे 1500 रुपये, कर्मचारियों के लिए भी राहत
Showing posts with the label
home-text
No results found
That is All
संपर्क फ़ॉर्म